फार्मिंग द सिटी 2021- पहला दिन

सत्र-1   विषय: नई शहरियत के लिए दिशाएँ फार्मिंग द सिटी-21 का पहला सत्र इस विषय पर केंद्रित होगा कि आधुनिक पूंजीवादी शहर कई प्रकार के संकटों के वाहक हैं और उनका इस स्वरूप को बड़े पैमाने पर हो रही बेदखली और पर्यावरणीय गिरावट के रूप...

शहरी खेती पर बुकलेट शृंखला | Booklet Series on Urban Agriculture

शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका...

दिल्ली की शहरी खेती में विविधता

दिल्ली की शहरी खेती में विविधता: कौन, क्या और किधर To read this booklet in English, please click here. देश की राजधानी दिल्ली देश का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है जहाँ हर एकड़ में औसतन 50 इंसान रहते हैं। योजना बनाने वालों की राय...

यमुना के कछार पर खेती की गतिविधियाँ

To read this booklet in English, please click here. पल्ला गाँव से दिल्ली को यमुना का साथ मिलता है | पल्ला गाँव से लेकर बुराड़ी तक देहात का इलाका है और पुश्ता के दोनों तरफ खेती होती है | पुश्ता के भीतर की जमीन यानि...

दिल्ली में शहरी खेती की रूह हैं महिलाएँ

To read this booklet in English, please click here. “..महिलाएँ ही थीं जिन्होंने टोकरियों की बुनाई करके और मिट्टी के बर्तन गढ़कर सबसे पहले कंटेनर बनाए… खेती और घरेलू विकास के इस लम्बे समयकाल के बिना भोजन और श्रमशक्ति इतने आधिक्य में उपलब्ध नहीं हो...

दिल्ली में शहरी खेती का सन्दर्भ

शहर में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों का आधुनिक शहरी अवधारणा में कोई कानूनी और नीतिगत स्थान नहीं है। इसीलिए शहरीकरण के दौरान इसे बाहर करके कानूनन बंदिश लगा दी जाती है। दिल्ली में इस अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण...

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