दिल्ली में शहरी खेती की रूह हैं महिलाएँ

शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में सोचते...

परिदृश्य से अदृश्य होती खेती

परिदृश्य से अदृश्य होती खेती: दिल्ली में शहरी खेती पर एक अध्ययन इस किताब का सार-संक्षेप हिंदी में आप यहाँ पढ़ सकते हैं: सार-संक्षिप्त: दिल्ली में शहरी खेती  सामने से दिल्ली का एक चेहरा दिखता है। लेकिन इस शहर को परत-दर-परत उधेड़ने पर कई और तस्वीरें दिखने लगती हैं। उन्हीं में...

शहरी खेती पर बुकलेट शृंखला

शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में सोचते...

यमुना के कछार पर खेती की गतिविधियाँ

  शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में...

दिल्ली का खाना कहाँ से आता है

दिल्ली का खाना कहाँ से आता है: दिल्ली में शहरी खेती और भोजन तंत्र का रिश्ता शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक...

लोकतंत्र और विकास का वर्तमान परिदृश्य

आज झारखण्ड की सरकार देश और दुनिया के पूंजीपतियों के लिए “मोमेंटम झारखण्ड” का मेला लगाती है जहां झारखण्ड के संसाधानों की लूट के लिए बोली लगवाई जाती है। जो लोग इसके खिलाफ़ आवाज उठाते हैं उन्हें राष्ट्रद्रोही घोषित करके जेलों में बंद कर दिया जाता है। दूसरी ओर आदिवासियों के...

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