दिल्ली में शहरी खेती का सन्दर्भ

शहर में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों का आधुनिक शहरी अवधारणा में कोई कानूनी और नीतिगत स्थान नहीं है। इसीलिए शहरीकरण के दौरान इसे बाहर करके कानूनन बंदिश लगा दी जाती है। दिल्ली में इस अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई है, जो...

शहरी खेती पर बुकलेट शृंखला

शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में सोचते...

आधुनिक शहर की चुनौतियां और शहरीकरण की नयी अवधारणा

आजकल दिल्ली की जनता धुंध और धुंएं की दहशत से बेहाल और परेशान है । सुप्रीमकोर्ट, हाई कोर्ट, हरित न्यायाधिकरण रोज-रोज सरकारों को तरह-तरह के निर्देश दे रहे हैं और सरकारें फौरी तौर पर खुद को बचने-बचाने के लिए ताबडतोड़ घोषणाएं कर रही हैं । विगत तीन दशकों से साल-दर-साल ऐसे...

झारखंड में लूट की छूट में राजसत्ता की भूमिका

भारत और दुनिया के एक बड़े भूभाग में ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के लिए आई थी । आगे चलकर उसी के गर्भ से इन देशों में ब्रिटिश हुकूमत का उदय हुआ । उस कालखण्ड में ब्रिटिश हुक्मरान अपने द्वारा विकसित किए जा रहे ढाँचा निर्माण और विकास को स्थानीय लोगों और...

जन संसाधन केंद्र क्यों?

जन संसाधन केंद्र (PRC) का गठन सबके उपयोग में आने वाले प्राकृतिक, सामाजिक और अन्य प्रकार के संसाधनों के इर्द-गिर्द हो रहे संघर्षों को अनुसंधान-सम्बन्धी मदद देने के उद्देश्य से किया गया है। लेकिन इस पहल की जरूरत क्यों है? हम इस मुग़ालते में न रहें कि सबके लिए इंसाफ़ और...

Why PRC?

People’s Resource Centre (PRC) is being set up with an aim to provide the research and educational support to the movements around the struggle over commons and other sorts of natural and social resources. Why is this initiative needed now? It is delusional to hope that the promised ideals of justice...

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