Farming The City 2021

People’s Resource Centre, in collaboration with Institute for Democracy and Sustainability (IDS) and with technical support from Transportation Research and Injury Prevention Programme (TRIPP) IIT Delhi, invites you to participate in the second edition of our annual convention on urban agriculture- Farming The City. Building on the enthusiastic response received by the inaugural edition last...

Fishing in the Shadow of A Megacity

Fishing in the Shadow of a Megacity: Delhi and its ‘unseen’ fisherfolks For the last few years, we have dedicated our efforts to understand and discuss the various aspects of urban and periurban farming in the context of urban ecology, green livelihood, climate crisis and knowledge politics. Through discussions with various citizen groups over the...

दिल्ली में शहरी खेती की रूह हैं महिलाएँ

शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में सोचते नहीं हैं. छतिया खेती...

दिल्ली में शहरी खेती का सन्दर्भ

शहर में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों का आधुनिक शहरी अवधारणा में कोई कानूनी और नीतिगत स्थान नहीं है। इसीलिए शहरीकरण के दौरान इसे बाहर करके कानूनन बंदिश लगा दी जाती है। दिल्ली में इस अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई है, जो यहां के गांव की...

शहरी खेती पर बुकलेट शृंखला

शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में सोचते नहीं हैं. छतिया खेती...

Seeds of Resistance and Hope

[हिंदी में यहाँ पढ़ें] People’s Resource Centre invites you to a conversation between environmental activists and practitioners of urban farming in India, Lebanon, Syria and Palestine. As the world battles climate and health emergencies, we need to rethink the ways our society and economy is functioning. Self-sufficient cities is not only a slogan but a...

यमुना के कछार पर खेती की गतिविधियाँ

  शहरी खेती पर हमें चिंतन और चर्चा करते हुए कई साल हो गए। इतने सालों में तमाम चर्चाओं और अलग-अलग समूहों से बात करके हमने ये जाना कि शहरों में खेती करने वाले तो एक अच्छी तादाद में हैं लेकिन व्यवस्थित तौर से इसकी भूमिका और भविष्य के बारे में सोचते नहीं हैं. छतिया...

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